अहमदावाद ओढ़व इंदिरा आवास ढह जाने की घटना, सूरत के भेस्तान की सरस्वती EWS आवास की स्थिति भी कुछ वैसी ही।

Spread the love

अहमदाबाद के ओढव इंदिरा आवास के सारे ६८ ब्लॉक मे बड़ी दरारे आ गई है ,अभी भी हजारो लोग राम भरोसे है।

सुत्रोंके मुताबिक सारे ब्लॉक का इसपेक्सन किया जायेगा
अहमदाबाद : इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत कुल ७० ब्लॉक १९९८ में बनाये गए थे और १९९९ में हजारो गरीब परिवारोंको मकान सौपे गये थे।


वहां रहनेवालो के मुताबिक,छः महिनोसे सभी ब्लॉककी हालत खोखली थी इस की जानकारी वहा के निवासीओने की थी जो बिल्डिंगे गिर चुकी हे उनके आलावा ६८ ब्लॉक भी खोखले हो चुके है बहोत सारे ब्लॉक के दिवारोमे दरारे आ चुकी है।
सुत्रोंके मुताबिक सरे ब्लॉकका इसपेक्सन किया जायेगा और स्टेबिलिटी रिपोर्ट के बाद ही यहाँ लोगोकों रहने दिया जायेगा २० साल ही पुरानी इस बिल्डींगकी ऐसी स्थिति बनने से गुणवत्ता के खिलाफ खड़े सवाल की जानकारी के लिए १९९६ में बने आवास की फ़ाइलें भी रातोरात निकाली गई।
बिल्डिंग खोखली थी उसे शनिवार को खाली करवाया था लेकिन बहोतसे रहने आ गये थे सी.एम् ऑफिस से इसकी जानकारी मंगवाई गई है ।
आसपास की बिल्डिंगोकी भी जांच की जाएगी और जरुरत पड़ने पर उन्हें भी खाली कराया जायेगा : विक्रांत पांडे कलेक्टर अहमदाबाद

AMCका भ्रष्टाचार :ढेर होनेवाली बिल्डिगोंमे दो इटोके बिच सिर्फ रेत, सीमेंट सिर्फ नाम मात्र..!!

अहमदाबाद :ओढवमें गरीब आवास योजना की दो बिल्डिंगे पूरी की पूरी ढहे जानेकी घटना से बिल्डिंग के गुणवत्ता के खिलाफ सवाल खड़ा हुआ है
कलेक्टर विक्रांत पाण्डे और म्युनि.कमिश्नर विजय नेहरा ने इसकी जाँच के आदेश दिए है । प्रारंभिक जांच में पता चला की दो इटोके बिच सीमेंट भरा जाता है वहा सीमेंट नहीं सिर्फ रेत ही होनेका खुले हुए प्लास्टर से घटना का विस्फोट हुआ..!!
प्लास्टरका मटिरियल्स ,ईंटकी गुथवाई के पैटर्न के साथ बिल्डिंग के डिज़ाइन की जांच की जाएगी इसी प्रकार यहाँ पर ७० ब्लॉक हे ,जिसमे हरेकमे दरारे गिरी होने के कारण खाली करवाए जायेंगे।

२० सालमें ही इमारत ढहने के कारन कलेक्टर ने जांचके आदेश दिए।

रविवार शामको आठ बजेके दौरान दो बिल्डिंगे ढह जानेसे ब्रिगेड कॉल जाहिर किया गया प्रारंभिक दौर में तीन लोगो को सलामत बहार निकाला गया, जिनको निकाला गया उनके मुताबिक़ अभी भी वहापर पांच से सात व्यक्ति वहा दबे होने की आशंका जताई है इस आशंका के आधार पर फायर ब्रिगेड के १२५ जवानोने उनको बहार निकालने की कारवाही सुरु की लेकिन पुरे के पूरा स्लेब गिर जाने के वजह से जेसीबी स्लेब को तोडा जाये तो अंदर दबे लोगोको नुक्सान होने का डर था ,जिसके कारण स्लैब कटर मंगवाए गए ३० कटरो की मदद लेकर ढांचे को निकाला गया जबकि बाकि बचे ढांचे को निकालने की कारवाई रात भर चली रविवारको काफ़ि रात के बिच एक व्यक्ति को जीवित निकाला गया पर बचाव कर्मियों की तरफ से बताया गया की बचाव प्रणाली सोमवारको भी जारी रहेगी लोगोको बचाना ही प्रारंभिक है ऐसा फायर चीफ ने कहा है।


अहमदावाद ओढ़व इंदिरा आवास ढह जाने की घटना, सूरत की सरस्वती EWS आवास की स्थिति भी कुछ वैसी ही।
सूरत भेस्तान स्थित सरस्वती EWS आवास भी अहमदाबाद की तरह ही खोखले हो चुके है। कुछ परिवारों के फ्लेट का छत का मलबा ढह जाने से बाहर खुलेमे रहने को मजबूर है। प्रशासन की और से कोई मदद अब तक नही मिल पाई है। अन्य बिल्डिंग भी इसी अवस्था मे पाई गई है। यह EWS आवास कभी भी कमज़ोर हो कर गिर सकता है। सभी बिल्डिगों में सेनेटरी का पानी छतो से टपक रहा है। खाना बनाने से लेकर सोने तक मे हो रही है दिक़्क़त..!!


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *